महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के बाद चल रहा है सरकार बनाने का मैरी गो राउंड खेल। Mary Go round game of government formation after Maharashtra assembly elections.

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के बाद चल रहा है सरकार बनाने का मैरी गो राउंड खेल।

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अभी तक का हाल महाराष्ट्र विधानसभा।

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव  अभी तक की अपडेट में महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन को मंजूरी दी जा सकती है यह सूत्रों के हवाले से खबर है कि भारतीय जनता पार्टी के साथ चुनाव में गई शिवसेना चुनाव के नतीजों के बाद 50-50 के फार्मूले को भारतीय जनता पार्टी के द्वारा नकारने के बाद अपनी एक अलग मोड पर जाती हुई दिखाई दे रही है राज्यपाल द्वारा भारतीय जनता पार्टी को सबसे बड़ी पार्टी होने के कारण  सरकार बनाने का मौका दें परंतु भाजपा के पास आवश्यकतानुसार वोट ना होने के कारण राज्यपाल को भाजपा ने सरकार न बनाने में अपनी असमर्थता जताई है वही मौके की तलाश में एवं अपने पार्टी के नेता को  महाराष्ट्र में सीएम के पद पर आसीन करने के लिए शिवसेना के दल राज्यपाल  से बीती शाम मुलाकात करने गए परंतु राज्यपाल ने समय की उपलब्धता ना होने के कारण मुलाकात करने से मना कर दिया वही उसी शाम में एनसीपी के दल के भी नुमाइंदे राज्यपाल से मुलाकात करने के लिए राज भवन पहुंचे जहां उन्होंने राज्यपाल से मुलाकात करके अपनी बातें बताएं
                                                           
                                               
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एनसीपी के प्रवक्ताओं के अनुसार-

एनसीबी के कुछ प्रवक्ताओं के अनुसार एवं सूत्रों के हवाले से मिले खबर के हिसाब से अभी तक की खबर यह है कि एनसीपी शिवसेना को एनडीए से अलग होने एवं केंद्रीय मंत्रिमंडल में शिवसेना के सदस्य का अलग होने पर ही संभव बताया जिसके उपरांत केंद्रीय मंत्रिमंडल में मंत्री अरविंद सावंत ने भी कुछ कारणों को बताते हुए केंद्रीय मंत्री परिषद से अपना इस्तीफा राष्ट्रपति को भेज दिया जोकि राष्ट्रपति द्वारा स्वीकृत भी कर लिया गया है।
प्रेसीडेंशियल रूल के हिसाब से यदि कोई पार्टी सरकार बनाने में असफल रहती है तो राज्यपाल द्वारा उस विधानसभा में राष्ट्रपति शासन लगाया जा सकता है।
                               
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के बाद चल रहा है सरकार बनाने का मैरी गो राउंड खेल।
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शिवसेना का अपना परिपेक्ष-

शिवसेना ने यह कहते हुए अपना गठबंधन तोड़ा की लोकसभा चुनाव के समय भाजपा के उस समय के तत्कालीन अध्यक्ष अमित शाह ने 50-50 का प्रस्ताव माना था यहां आधा-आधा का मतलब सरकार में ढाई ढाई साल के मुख्यमंत्री के रूप में था परंतु महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के अनुसार इस मामले पर उनकी कोई बात नहीं हुई थी उन्होंने आगे अपनी प्रेस वार्ता में बताया था कि शिवसेना द्वारा आए दिन उनके शीर्ष नेतृत्व को बुरा भला बोला जाता था जबकि उन्होंने कभी शिवसेना के शीर्ष नेतृत्व की सम्मान किया देवेंद्र फडणवीस के अनुसार महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में शिवसेना के साथ कॉमन मिनिमम प्रोग्राम में मुख्यमंत्री एवं उपमुख्यमंत्री की पद की बात हुई थी।
                       
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कांग्रेस का रोल-

महाराष्ट्र के विधानसभा चुनाव में भले ही कांग्रेस को वोट सबसे कम मिला है परंतु शिवसेना का भाजपा से अलग होने के बाद वह एक किंग मेकर की रोल में है। कांग्रेस का एजेंडा शिवसेना के एजेंडा से बिल्कुल भी मुख्तलिफ नहीं है कांग्रेस ने महाराष्ट्र में शिवसेना की सरकार को कुछ कारणों के समाधान के बाद ही समर्थन की बात कही है उसमें किसी भी प्रकार का भड़काऊ बयान बाजी ना हो और किस कई पहलुओं पर अपने परिपेक्ष स्पष्ट हो। कॉन्ग्रेस एनसीपी के साथ मिलकर सरकार बनाने के लिए महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में उतरी थी परंतु वोट इस एलाइंस को उतने नहीं मिले जितने की सरकार बनाने के लिए चाहिए। कांग्रेस कुछ परिपेक्ष में शिवसेना की सरकार तो चाहती है जिससे कि भाजपा को सत्ता से दूर रखा जा सके उसकी इसी में जीत होगी कि वह भाजपा को सरकार ना बनाने दे।
शिवसेना राज्यपाल से मिलकर 2 से 3 दिनों की मांग कर रही है जिससे वह सरकार के लिए जरूरी बहुमत को पूरा कर सके ऐसा सूत्रों के अनुसार खबर है कि ऐसा ना होने पर शिवसेना सुप्रीम कोर्ट में भी अपील कर सकती है

आदर्श जीवन का निष्कर्ष -  

आदर्श जीवन का इस पुरे घटना चक्र के सिर्फ यह निष्कर्ष निकल रहा है की इस मैरी गो राउंड गेम में भाजपा तो अपने आप को यह कहकर बाहर  तो हो  गयी है की हमारे पास बहुमत सरकार बनाये का है है वही शिवसेना को इससे अच्छा  समय नहीं लगता है अपने प्रतिनिधि को मुख्यमंत्री के पद पर बठाने के लिए वही कांग्रेस महाराष्ट्र की जनता के कंधे पर बन्दुक रख कर शिकार करना चाहती है भाजपा का वही कांग्रेस की सहयोगी सत्ता को पाना चाहती है। दैनिक आदर्श जीवन का तो यही निष्कर्ष निकलता है की पीस तो महाराष्ट्र विधानसभा की जनता रही है।

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