सरकार की स्वीकृति 5G हुवाई को।

आदर्श जीवन
पोस्ट नवनीत  मिश्रा


  • सरकार की स्वीकृति 5G हुवाई को।

वही को देश में 5G परीक्षणों में भाग लेने के लिए सरकार की स्वीकृति प्राप्त है। चाइनीस कंपनी हुवाई पर लगे आरोपों के बाद उस पर एक संकट के बादल छाए थे कि फर्म के इलेक्ट्रॉनिक और दूरसंचार सहयोगो में अमेरिकी निगमों और एजेंसियों पर चीन की जासूसी की मदद की थी।
Government approval to 5G Huawei.
सरकार की स्वीकृति 5G हुवाई को।(source-twitter/Ani)


चीनी दूरसंचार गियर हुआवेई के लिए इंतजार खत्म हो सकता है क्योंकि सरकार ने सभी उपकरण निर्माताओं को देश में फर्जी परीक्षण करने की अनुमति दी है बिना कोई भेदभाव के।

दूरसंचार मंत्री रविशंकर प्रसाद ने सोमवार को कहा हमने सभी खिलाड़ियों के लिए 5 जी स्पेक्ट्रम देने का फैसला किया है फर्जी भविष्य है यह गति है हम 5G में नए नवाचार को प्रोत्साहित करेंगे।

निर्णय चीनी फॉर्म को राहत देता है जो न केवल भारत में बल्कि दुनिया भर में सुरक्षा मुद्दों पर जूझ रहा है।

हमने मीडिया में समाचार पढ़ा है और हम भारत सरकार को हुआवेई में उनके निरंतर विश्वास के लिए धन्यवाद देते हैं। हमारा विश्वास है कि केवल प्रौद्योगिकी नवाचार और उच्च गुणवत्ता वाले नेटवर्क भारतीय दूरसंचार उद्योग का कायाकल्प करने के लिए महत्वपूर्ण होंगे। हमें भारत की सरकार और उद्योगों पर पूरा भरोसा है कि वह भारत के दीर्घकालीन लाभ के लिए और पार उद्योग के विकास के लिए सर्वोत्तम प्रौद्योगिकी के का साथ भी भागीदार है। हुआवेई भारत के लिए प्रतिबद्ध हुआवेई इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जे चेन ने कहा

कैलेंडर वर्ष की दूसरी छमाही में हुआवेई ने भारत के 5 5G पर चीन में अपना स्थान आरक्षित करने के लिए जूझते देखा गया है सरकार ने 5G परीक्षा में हुआवेई की भागीदारी पर निर्णय लेने के लिए अपने प्रमुख वैज्ञानिक सलाहकार की अध्यक्षता में एक पैनल का गठन किया था पूर्णविराम परीक्षा 5G सेवाओं की पूर्ण शुरुआत के अग्रदूत के रूप में देश में प्रयुक्त मामलों की स्थापना करेगा।

हुआवेई के आरोपों के बाद एक काले बादल के सामान मुसीबत छा गई थी कि फर्म के इलेक्ट्रॉनिक और दूरसंचार उपकरण अमेरिकी एजेंसी जासूसी के लिए चीन का हथियार बनी हुई है। हुआ वही को आस्ट्रेलिया और जापान ने रोक लगा दिया है रूस तुर्की और सऊदी अरब ने इसका स्वागत किया है।

हुआवेई इंडिया के सीईओ ने पहले कहा था कि कंपनी भारत पर टाइप करना चाहती है जो दूसरे सबसे बड़े 5G बाजार का प्रस्ताव है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत एक बहुत ही अनूठा बाजार है। आपको इसे गहराई से समझने की आवश्यकता है और एक दीर्घकालीन रणनीति क्या आवश्यकता होती है।

भारती एयरटेल के चेयरमैन सुनील भारती मित्तल भी हुआवेई के समर्थन में सामने आए थे फुल विराम वैश्विक आर्थिक मंच में बोलते हुए मित्तल ने कहा था कि पिछले एक दशक में कंपनी अपने उत्पादों के साथ बहुत अच्छी तरह काम कर रही है।

मिलने का एक ऐसे बिंदु पर जहां में 3G और 4G में अपने उत्पादों को सुरक्षित रूप से कह सकता हूं जो हमने अनुभव की है वह एरिक्सन और नोकिआ से काफी बेहतर है मैं इन बातों पर उपयोग करता हूं। हुआवेई 5G में सिर्फ खिलाड़ी बनने के लिए अपने प्रतिद्वंदी हो जैसे नोकिआ एरिक्सन सैमसंग के साथ प्रतिस्पर्धा करने की कोशिश कर रहा है। इसने अब तक 50 वाणिज्यिक 5G अनुबंध यूरोप में 28 मद्धेशिया में 11 एशिया प्रांत में 6 दक्षिण अमेरिका में 4 अफ्रीका में एक सुरक्षित स्थान प्राप्त किया है सरकार ने डाटा स्पीड में सुधार लाने और इंटरनेट ऑफ थिंग्स मिलाने के उद्देश्य अगली पीढ़ी में 5G स्पेक्ट्रम की नीलामी की प्रक्रिया शुरू कर दी है जिससे रोबोट सर्जरी और ड्राइवरलेस कारों को अन्य चीजों के बीच सक्षम बनाया जा सकेगा।

20 दिसंबर को दूरसंचार निगम ने सिर्फ निर्णय लेने वाली संस्था डिजिटल कम्युनिकेशन कमीशन ने 22 सर्किलों में नीलामी को मंजूरी दी है। एक शेर का हिस्सा 6050 मेगा हर्ट्ज 5 जी स्पेक्ट्रम के लिए अलग रखा गया है।

  • क्यों है विवादों में हुआवेई-

हुआवेई कंपनी चीन की कंपनी है जिसकी स्थापना 1987 में रेन जेगफे किधर की गई थी जो कि पूर्व पीपुल्स लिबरेशन आर्मी अधिकारी थे शुरू में कंपनी ने अपना ध्यान फोन स्विच विनिर्माण पर केंद्रित किया था इसके बाद कंपनी ने अपने व्यवसाय का विस्तार किया जिसमें दूरसंचार नेटवर्क का निर्माण करना और चीन के अंदर और बाहर दोनों को परिचालन और परामर्श सेवाओं और उपकरण प्रदान करना है और उपभोक्ता बाजार के लिए संचार उपकरणों का निर्माण करना शामिल है सितंबर 2017 तक कंपनी ने लगभग 170000 कर्मचारी कार्य थे जिनमें से लगभग 76000 कर रहे हैं विश्व भर में इनके 21 अनुसंधान और विकास संस्थान है 2017 तक कंपनी ने अनुसंधान और विकास क्षेत्र में 13.8 अरब अमेरिकी डालर का निवेश किया है। हुआवेई पर आरोप लगा है कि वह अमेरिका में निगमों एजेंसियों के माध्यम से चीन के लिए जासूसी कर रही थी जिसको लेकर चीन ने इससे साफ साफ पल्ला झाड़ा और कहा कि हुआवेई चीन के लिए कोई जासूसी नहीं कर रही है अमेरिका भारत को भी आगाह करते हुए पूर्व समय में कहा है कि भारत में 5G टेक्नोलॉजी के लिए हुआवेई को मौका ना दें। भारत के साथ अमेरिका के हुए कई बैठकों में अमेरिका ने भारत के साथ इस बात को उठाया कि हुआ वहीं को भारत में 5G टेक्नोलॉजी को बढ़ाने के लिए रास्ता ना दे परंतु भारत सरकार के संचार मंत्री रविशंकर ने किसी भी भेदभाव के बिना स्पेक्ट्रम की नीलामी के लिए सभी को आमंत्रित किया है।

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