निर्मला सीतारमण ने कोरोनावायरस से लाकडाउन में फंसे लोगों के लिए राहत का ऐलान।

आदर्श जीवन Disital।
पोस्ट नवनीत मिश्रा                
  • निर्मला सीतारमण ने कोरोनावायरस से लाकडाउन में फंसे लोगों के लिए राहत का ऐलान।

नई दिल्ली- कोरोनावायरस को लेकर जैसा कि प्रधानमंत्री नरेंन्द्र मोदी ने अपने पहले देश के नाम संबोधन में कहा था कि इस खतरनाक नोवेल कोरोनावायरस से लड़ाई मे जो भी परेषानी होगी उसको लेकर उन्होने निर्मला सीतारमन के अगुवाही में टास्क र्फांेर्स बनाई गई हैं।


निर्मला सीतारमण ने कोरोनावायरस से लाकडाउन में फंसे लोगों के लिए राहत का ऐलान।
निर्मला सीतारमण ने कोरोनावायरस से लाकडाउन में फंसे लोगों के लिए राहत का ऐलान।
 इसकी को लेकर भारत सरकार की और से केंन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज दुनिया भर में कोरोनोवायरस के प्रकोप के कारण परेशानी लोगो की मदद करने और वह लोग जो इस समय के दौरान लॉकडाउन और नौकरी के नुकसान की अतिरिक्त चुनौती से निपट रहे है उनके लिए आर्थिक रूप से कमजोर लोगों की मदद के लिए खाद्य सुरक्षा पैकेज की योजना की घोषणा की। 

कोरोनावायरस को लेकर भारत सरकार की ओर से केन्द्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण प्रेस काफ्रेंस में  आई है, और उन्होंने कहा कि 1,70,000 करोड़ रुपये की योजना को उजागर किया, जिसे प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना कहा जाता है, गरीब, प्रवासी श्रमिकों और उन लोगों की चिंताओं को दूर करेगी, जिन्हें मदद की जरूरत है। 

इस प्रेस काफ्रेंस में वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि कोरोनावायरस को लेकर इस संकट की घड़ी में अपने घरों में फंसे हुए गरीब और दीहाड़ी श्रमिकों और डॉक्टरों और उनके सहायक कर्मचारियों को 50 लाख रुपये का चिकित्सा बीमा कवर दिया जा रहा है। 

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, जो इस समय कोरोनावायरस से लड़ने वाली वित्तीय टास्क र्फाेस के रूप की मुखिया है, जो इस प्रकोप के वित्तीय नतीजों का मूल्यांकन करने वाले कार्य बल का नेतृत्व कर रहे हैं और आगे के पाठ्यक्रम का भी चार्ट तैयार कर रहे हैं, उन्होंने आज लोगों और उद्योग के लिए एक बेलआउट पैकेज की रूपरेखा भी तैयार की। 

इसे आठ प्रमुखों भागों के तहत विभाजित किया गया था, जो कि पेंशनभोगी, महिलाओं और समाज के सभी वर्गों को कवर किया जा सकता  था और अलग तरह से पालन किया गया था। 

भारत सरकार की ओर से कंेन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मुख्य बातो को खुलासा किया जिसमें मुख्य बातें इस प्रकार से हैं। इसमें से मुख्य बात है कि गरीबों और जरूरतमंदों को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत अगले तीन महीनों के लिए 5 किलो अतिरिक्त गेहूं और चावल मुफ्त मंे दिये जाने की व्यवस्था की गई हैं।
इसके साथ ही वे सभी लोग भी अगले तीन महीनों के लिए 1 किलो दाल भी मुफ्त में प्राप्त कर सकते हैं। किसानों के लिए, उन्होंने कहा कि सरकार 6,000 रुपये के अपने वार्षिक भुगतान की पहली किश्त जारी करेगी। 

महिला जन धन खाता धारकों को अगले तीन महीनों के लिए 500 रुपये प्रति माह की छूट मिलेगी। इससे जन धन खातों वाली 20 करोड़ से अधिक महिलाओं को लाभ होगा, इस बात को ध्यान में रखते हुए वित्तमंत्री सुश्री सीतारमण ने विस्तार से बताया।

मंत्री ने कहा कि सरकार ने ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्यक्रम के तहत मजदूरी को 182 रुपये से बढ़ाकर 202 रुपये कर दिया है। यह पांच करोड़ श्रमिकों के लिए होगा। प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले हफ्ते वित्त मंत्री की अध्यक्षता में एक कार्यबल का गठन किया था, जो कोरोनोवायरस से प्रभावित अर्थव्यवस्था के लिए पैकेज तैयार करने और 21 दिनों के लॉकडाउन के तहत पुनर्लेखन करने के लिए काम कर रहा था। 

लॉकडाउन का मतलब है कि भारत ने इस साल अपने पांच प्रतिशत विकास दर के लक्ष्य को पूरा नहीं पूरा नहीं कर पायेगा। इसका मतलब यह भी है कि भारत अगले साल (2020-21) अपने 10 प्रतिशत नाममात्र के विकास लक्ष्य को एक सपने में देखे गये ख्वाब की तरह से याद करेगा। 

निवेश और उपभोग दोनों गिर जाएंगे। जिसका असर यह होगा कि भारत की विकास दर तो गिरेगी ही साथ ही साथ भारतीय लोगो जो प्राइवेट में कम्पनी पर काम कर रहे हैं, उनकी नौकरी में हानि का भी खतरा बढ़ जाने की भी आंशका होगी। 

इसका यह भी नतीजा हो सकता है जो भारत इस समय अपने लोगो को गरीबी रेखा से उपर की ओर खीचने में लगा हुआ है उसमें अधिक लोगों को गरीबी में धकेल दिया जाएगा। 

इसके साथ यह भी हो सकता है कि बैंकिंग क्षेत्र में संकट और भी गहरा जाये, भारत में प्री-कोरोनावायरस के आहट से भी मंदी का दौर जा सकता हैं, और इसका प्रभाव दोनों बदतर हो जाएगा। 

इन सभी कारणो से होने वाले प्रभावों से सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाला लोग अनौपचारिक क्षेत्र से होगें। 2016 में हुए विमुद्रीकरण के कारण और भी कठिन मारा गया और 2017 तक एकीकृत गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स के कार्यान्वयन से कमजोर हो गया। लेकिन आर्थिक गतिविधियों के तीन सप्ताह के निलंबन से हर व्यवसाय पर असर पड़ेगा। 

स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस पर इस बयान में कहा है कि भारत के कोविड -19 मामलों की कुल संख्या 649 हो गई है, जिसमें 593 सक्रिय मामले शामिल हैं और 42 लोग जो ठीक हो चुके हैं या अस्पतालों से छुट्टी दे चुके हैं।
भारत ही नही दुनिया का सबसे विकसित देश अमेरिका, फ्रांस, इटली, यूनाटेड किंगडम जैसे विकसित देश का हाल इससे भी बूरा थी।

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( इनपुट )

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