भारत सरकार ने घोषणा की है। पूरे भारत में इस समय 21 दिनों के लिए पूर्ण लाकडाउन।

आदर्श जीवन Disital
पोस्ट नवनीत मिश्रा    
            
  •   भारत सरकार ने घोषणा की है। पूरे भारत में इस समय 21 दिनों के लिए पूर्ण लाकडाउन।

नई दिल्ली - जैसा कि देश  के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कल शाम  8 बजें अपने देश  के नाम संबोधन में कहा था कि भारत को 21 दिनों के लिए पूर्ण लाकडाउन में डाल दिया गया है। 
भारत सरकार ने घोषणा की है। पूरे भारत में इस समय 21 दिनों के लिए पूर्ण लाकडाउन।
भारत सरकार ने घोषणा की है। पूरे भारत में इस समय 21 दिनों के लिए पूर्ण लाकडाउन।

प्रधानमंत्री का यह कदम भारत में कोरोनावायरस के मामले को लिया गया सबसे बड़ा कदम है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश  के नाम संबोधन में पहले ही बता दिया हैं कि यह लाकडाउन जनता क्रफर्यू से काफी हद तक सख्त होने वाला हैं।

आज दैनिक आदर्श जीवन आप को यह बताना चाहता है कि आप किसी भी प्रकार के हफवाहो पर ही ध्यान दें, जैसे कि सोशल  मीडिया में उपस्थित बहुत सारे नुकसे बताये गये है, तो कही और लोग इस को लेकर हफवाहे फैलाने का काम कर रहें है। 

आप किसी भी प्रकार की समाचार को जानने के लिए आप दैनिक आदर्ष जीवन की सामाचार पत्र और उसकी ई-पेपर जो बेवसाइड पर उपलब्ध है, और किसी प्रकार का के लाइव अपडेट के लिए आप दैनिक आदर्ष जीवन की बेवसाइड और बहुत चर्चित समाचार पत्र की बेवसाइड को भी फौलो कर सकतें है। आप बेवसाइड में कमंेट करके भी अपने सवाल को पूछ सकते हैं।

इस खतरनाक वायरस कोविद -19 से कितने लोग मरेंगे? और किसी भी अध्ययन की रिपोर्ट की मौत इतनी व्यापक क्यों है? उदाहरण के लिए, यूएस सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन उस देश में 200,000 से 1.7 मिलियन के बीच मौतों का अनुमान  लगाया हैै। 

अन्य अनुमान भी हैं - और सभी विस्तृत के साथ हैं। भारत में अभी तक मौतों के लिए कोई अध्ययन नहीं किया गया है (और यदि कोई हैं, तो वे समय से पहले और अपर्याप्त डेटा पर आधारित हैं, जिसका अर्थ है कि न तो यह लेखक और न ही यह न्यूज रूम उन पर रिपोर्टिंग पर विचार करेगा)। 

यह वहाँ पर निर्भर होगा, लेकिन शायद जब संक्रमण और मौतों की संख्या काफी बढ़ जाती है। मैं कहता हूं जब हालांकि मैं बहुत कुछ अगर कहना चाहता हूं, लेकिन यह हमेशा सबसे अच्छी उम्मीद है और सबसे अच्छे के लिए तैयार करता है, भले ही वह सबसे अच्छा हो। 

इस समय जब मंगलवार तक को भारत में 536 संक्रमण और दस मौतें होने की खबर की पुश्ठि हुई। अगर इटली के लोम्बार्डी और न्यूयॉर्क सिटी (और आधुनिक देश  के राज्य) जैसे महामारी वाले हॉटस्पॉट का अनुभव किसी भी तरह का संकेत है, तो यह वह संख्या है। 

लेकिन यह आवश्यक नहीं है कि वायरस हर जगह एक ही प्रवृत्ति का पालन करेगा। उदाहरण के लिए, न्यूयॉर्क टाइम्स ने कोरोनोवायरस में व्हाइट हाउस की प्रतिक्रिया का समन्वय कर रहे डॉ देबोराह एल बिर्क्स के हवाले से कहा कि एनवाईसी में, 28 परीक्षण सकारात्मक परिणाम दे रहे हैं, जबकि बाकी देश में 8प्रतिषत से अधिक ”यह दर कम है। 

अकेले इटली में सोमवार को 602 लोगों की मौत के साथ यह वायरस ने अपना विकराल रूप को जारी रखा है। यह संख्या रविवार को देखी गई 651 मौतों और शनिवार को 793 के उच्च स्तर से कम है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि देश ने सबसे इससे भी खराब दौर को देखा है या नहीं। सोमवार रात तक इटली में कुल मौत 6,077 थी। मंगलवार को, दुनिया में संक्रमण की कुल संख्या 400,000 से अधिक थी, और मृत्यु 18,000 से अधिक थी। 

प्रधानमंत्री ने इस सभी को देखते हुए और अपने स्वास्थ्य मंत्री और अपने स्वास्थ्य अधिकारी से बात करने के बाद अपने पूर्व षाम अपनी देष के नाम संबोधन में पूर्ण देष में तालाबंदी मंगलवार की रात 12 बजे से पूरे भारत में लगा दी गई थी, जिसमें उन्होनें इसे न मानने पर कड़े कदम उठाने को भी इषारा दिया है। 

अभी तक 31 मार्च तक लगने वाला लाकडाउन जो कि भारत में 15-17 राज्यों तक ही सीमित था तथा इसका पालन करने पर प्रधानमंत्री ने अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा भी था कि लोग अभी नही मान रहें हैं। इसी ध्यान में रखतें हुए तेजी से बढ़ते मामले के कारण प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे 21 दिनों के लिए पूरे देश में आगे बढ़ाया, जो कि मंगलवार राज 12ः00 बजे से पूर्ण देष में प्रभावी रूप से लागू कर दिया गया हैं। इसका मतलब है कि यह लाकडउन या कहे तो एक तरह की क्रफर्यू अब 15 अप्रैल तक चलेगा। 

ग्रॉसर्स और ग्रींग्रोकर्स, फार्मेसियों और चिकित्सा केंद्र, खुले रहना जारी रखते हैं, और अखबार देश के अधिकांश हिस्सों में मुद्रित किया जाता है। कई लोग चिंतित हैं कि समाचार पत्र के माध्यम से कही किसी प्रकार का संक्रमण फैल सकता है। 

ऐसा लगता है कि इसकी कोई भी संभावना नहीं है। अधिकांश समाचार पत्र प्रेस, दैनिक आदर्ष जीवन अपने समाचार पत्र के प्रकाषन में एक नया के उच्च स्तर के साथ संचालन कर रहे हैं। 

किसी भी प्रकार की सम्भावना को देखते हुए दैनिक आदर्ष जीवन समाचार पत्र की ई-पेपर भी बेवसाइड पर उपलब्ध हैं। दुनिया में कहीं भी किसी भी डॉक्टर या स्वास्थ्य एजेंसी ने अब तक अखबारों को असुरक्षित नहीं कहा है। जो लोग अभी भी आश्वस्त नहीं हैं (हालांकि उनके होने का कोई कारण नहीं है), जिस पर वे भरोसा कर सकें।

चीन सरकार ने घोषणा की है कि  लॉकडाउन की बात करें तो चीन के हुबेई प्रांत के शहर वुहान में, जहां पहली बार वायरस की सूचना मिली थी, 8 अप्रैल को समाप्त हो जाएगा, इस वायरस को देखने के बाद चीन के  वुहार शहर को 23 जनवरी को पूर्ण रूप में बंद कर दिया गया था। 

दुनिया को कभी भी बुहान शहर में नुकसान की सही सीमा का पता नहीं चलेगा, और न ही हमें कभी पता चलेगा कि क्या महामारी को रोका जा सकता था और चीन और विश्व स्वास्थ्य संगठन ने दिसंबर में अलग तरह से काम किया था। 

और लॉकडाउन की बात करें, तो भारत में और कहीं भी जहां एक लॉकडाउन लागू किया गया है, यह पूछने का बड़ा सवाल यह है सरकार को लॉकडाउन के माध्यम से खरीदे गए समय का उपयोग कैसे करना चाहिए?

इस लाकडाउन का इस्तेमाल करके भारत यह कोषिष करेगा कि जो मामले है वह यही पर रूक जाये और भारत के लोग एक दूसरे के सम्पर्क में नही आयें। भारत में इस समय तक 450 से अधिक मामले सामने आया हैं। भारत सरकार इस लाकडाउन का इस्तेमाल कर पहले के मरीज के इलाज में करेगा।
भारत इस समय पूरी दूनिया से कटा हुआ यहा तक कि न तो भारत में कोई प्रावेइट और सरकारी ट्रांसपोर्ट  की बसें चल रही है तो वही भारत में रेल से घरेलू उड़ान को भी रद्द कर दिया गया हैं।

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( इनपुट )

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