coronavirus के बाद राहत पैकेज के घोषणा के बाद भारतीय घरेलू बाजार में तेजीं।

आदर्श जीवन Disital।
पोस्ट नवनीत मिश्रा      
          
  • coronavirus  के बाद राहत पैकेज के घोषणा के बाद भारतीय घरेलू बाजार में तेजीं।

मुंबई - भारत में coronavirus के कारण भारत समेत दुनिया के भी देशों की अर्थव्यवस्था पूरी तरह से डामाडोल हो गई है। coronavirus  के असर के कारण दुनिया के अधिक  देश जिसमें चीन अमेरिका फ्रांस जैसे विकसित देश में भी पूरी तरह से तबाह कर दिया।

भारत में coronavirus  के कारण भारतीय घरेलू बाजार में भारी गिरावट के बाद बिता शाम में भारतीय शेयर बाजार जिसमें सेंसेक्स और निफटी में यह मामूली उछाल को देखने को मिला।
coronavirus  के बाद राहत पैकेज के घोषणा के बाद भारतीय घरेलू बाजार में तेजीं।
coronavirus  के बाद राहत पैकेज के घोषणा के बाद भारतीय घरेलू बाजार में तेजीं।
आज गुरुवार के दिन का समय भारतीय घरेलू इक्विटी बाजार के लिए एक अच्छी खबर लेकर आया। जिसमें घरेलू इक्विटी बाजार में सूचकांक उच्च स्तर पर खुला, इस प्रमुख कारण है कि निवेशकों ने सरकार की ओर से प्रदान की जाने वाली coronavirus  को लेकर दिया जाना वाले आर्थिक राहत पैकेज का बाजार को बहुत ही बेसब्री से इंतजार किया।
coronavirus  के बाद राहत पैकेज के घोषणा के बाद भारतीय घरेलू बाजार में तेजीं।
coronavirus  के बाद राहत पैकेज के घोषणा के बाद भारतीय घरेलू बाजार में तेजीं।

 
इस राहत पैकेट जिसका इंतजार भारतीय शेयर बाजार को था उसका नतीजा यह निकलेगा कि इस सप्ताह या अगले सप्ताह की शुरुआत में इसकी अच्छी बातें नजर सामने आने की संभावना है।
इस प्रकार की पहल का ज्यादा नही तो कुछ तो असर सुबह करीब 9ः35 बजे, बीएसई सेंसेक्स 643.09 अंक या 2.25 प्रतिशत की बढ़त के साथ 29,179.09 पर कारोबार कर रहा था, जबकि एनएसई निफ्टी 173.25 या 2.08 प्रतिशत बढ़कर 8,491.10 पर था।

सुबह 10ः25 बजे तक, सेंसेक्स 1,400 से अधिक अंक पर कारोबार कर रहा था, जबकि निफ्टी 8,700 अंक से अधिक था। इस राहत पैकेट को लेकर आज शुरुआती नतीजो में यह देखने को मिला हैं, कि कारोबार में कुछ प्रमुख लाभार्थी कम्पनी जैसे कि इंडसंड बैंक, टेक महिंद्रा, एक्सिस बैंक, सन फार्मा, एचडीएफसी हैं, जबकि निफ्टी में शीर्ष हारने वाले जेएस डब्ल्यू स्टील, अदानी पोर्ट्स, मारुति सुजुकी और यस बैंक हैं। 

कोरोनावायरस के लड़ाई में दुनिया का सबसे शक्तिशाली राज्य अमेरिका में अमेरिकी सीनेट द्वारा $ 2 ट्रिलियन के राहत पैकेज बिल पारित करने के बाद बाजार में पैसा लगाने वाले निवेशकों का विश्वास बाजार में निवेश को बढा़ने पर बैंकिंग, आईटी और फार्मा शेयरों ने बेहतर प्रदर्शन किया।

अब यह उम्मीद है कि भारत को भी जल्द ही अपना राहत पैकेज को जल्दी मिलने की संभावना है और डी-स्ट्रीट के सभी निवेशकों को उम्मीद है कि सरकार को लॉकडाउन के कारण बढ़ते क्षेत्रीय नुकसान का पता लगाना होगा।

जबकि बाजार में अभी भी अस्थिरता का महौल अधिक है, अगले कुछ दिन दुनिया भर के बाजारों के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण रहने वालें हैं। घरेलू शेयर बाजारों ने आर्थिक प्रोत्साहन पैकेज मिलने के बाद कल एक प्रभावशाली सुधार दर्ज किया।

यह अगले कुछ दिनों में यह उम्मीद किय जा सकता है कि निवंेशको को निवेश के लिए और मनोबल बढ़ सकता है क्योंकि अगले महीने आरबीआई पॉलिसी स्टेटमेंट का भी इंतजार है। कई अर्थशास्त्रियों इस चीज की बहुत ज्यादा उम्मीद है कि कोविड -19 महामारी के प्रभाव के कारण आर्थिक संकट के समय में आरबीआई दरों को कम करने के लिए में कटौती करेगा।

शुरुआती लाभ में इजाफा करते हुए, इंडसइंड बैंक शेयर की कीमत गुरुवार के सत्र में बीएसई पर 391.55 रुपये पर 30 प्रतिशत अधिक कारोबार कर रहा था। पिछले सत्र में इंडसइंड बैंक को 10 फीसदी का नुकसान हुआ था। निजी क्षेत्र के ऋणदाता बंधन बैंक ने ऊपरी सर्किट को मारते हुए 185 रुपये प्रति शेयर पर 20 प्रतिशत का कारोबार किया है। 

एसएंडपी बीएसई सेंसेक्स 977.94 अंकों या 3.43 फीसदी की बढ़त के साथ 29,513.72 पर कारोबार कर रहा था, जबकि निफ्टी 50 इंडेक्स 248 अंकों या 3 फीसदी की तेजी के साथ 8566 पर शासन कर रहा था। 

इंडसइंड बैंक के शेयर में गिरावट के साथ शेयर में गिरावट आई, आज शुरुआती सौदों में 15 फीसदी की छलांग लगाई। पिछले सत्र में, इंडसइंड बैंक के शेयरों ने व्यापार में 10 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की।

अमेरिकन के दोनो अधिकारिक पार्टी रिपब्लिकन, डेमोक्रेट और व्हाइट हाउस के बीच एक का सौदा हुआ, जिसमें यह है कि अमेरिकी करदाताओं को इसमें नकद भुगतान और छोटे व्यवसायों और मुख्य उद्योगों को अनुदान और ऋण में कई सौ अरब डॉलर शामिल हैं।

यह इस तरह का अनुदान से भी चिकित्सा उपकरणों की जरूरत में से लेकर अस्पतालों और बेरोजगारी लाभ फैलता है वॉल्यूम और तकनीकी उपकरण जैसे कि रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (आरएसआई) और मूविंग एवरेज कन्वर्जेंस डाइवर्जेंस (एमएसीडी) जैसे संकेतक एक फर्म ब्रेकआउट की पुष्टि में सहायता करते हैं।

एक समेकन चरण के मुख्य पहलू समेकन की अवधि लंबी होती है, बड़ा ब्रेकआउट पर आंदोलन होता है।
कोरोनावायरस को लेकर देश में इस समय 21 दिनों के लाॅकडाउन से गुजर रहा है। जिसके कारण बहुत सारे कारोबार और कारोबार से जुडे कारखानों को भी बंद कर दिया गया। जो लोग प्राईवेट कंम्पनी में काम करते हैं उनका छुटृटी पर भेज दिया गया है, या उनसे घर से ही काम करने के लिए कहा गया

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